*विदाई: राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए समाजवादी चिंतक विनय सिन्हा*
प्रयागराज। प्रख्यात समाजवादी चिंतक और लोक स्वतंत्रता सेनानी श्री विनय सिन्हा का शुक्रवार को रसूलाबाद घाट (तेलियरगंज) पर पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके ज्येष्ठ पुत्र श्री अभिनव सिन्हा ने उन्हें मुखाग्नि दी।
गार्ड ऑफ ऑनर से दी गई विदाई
लोक स्वतंत्रता सेनानी होने के नाते प्रशासन की ओर से विनय सिन्हा जी को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। इस भावुक क्षण के दौरान उपस्थित जनसमूह ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। उनके निधन से वैचारिक और जनवादी आंदोलनों के एक युग का अंत हो गया है।
शोकाकुल परिवार और गणमान्य जनों की उपस्थिति
घाट पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भारी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, राजनेता और प्रबुद्ध वर्ग के लोग उपस्थित रहे। परिवार के सदस्यों में उनके पुत्र अभिनव, पुत्री वत्सला, बहू खुशबू, दामाद सिद्धार्थ, पोती अन्वी, नातिन यान्या व नव्या सहित रत्नेश और आदित्य मौजूद रहे।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में प्रमुख रहे:
समाजवादी और जनवादी आंदोलनों से जुड़े तमाम साथियों ने उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इनमें मुख्य रूप से:
हरिश्चंद्र द्विवेदी, सुभाष चंद्र पांडे, सुनील कुमार शुक्ला, विनोद कुमार तिवारी।
आनंद मालवीय, आशीष मित्तल, कमल ऊसरी, राजवेंद्र सिंह, शंकर लाल साहू।
राम निहोर पाल, अविनाश मिश्रा, नसीम अंसारी, पद्मा सिंह, अंशु मालवीय।
सीमा आजाद, राजेश सचान, इरशाद उल्ला, राजकुमार, ऋषेश्वर उपाध्याय।
शुभम मोदनवाल, अभिषेक शुक्ला, विभूति विक्रम, प्रकर्ष मालवीय, सईद सिद्दीकी।
अनुग्रह नारायण सिंह, विश्वेश राजरत्नम, पंकज पांडे, अवधेश आनंद, अनंत बहादुर यादव और धर्मेंद्र यादव सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
विनय सिन्हा जी का जाना समाजवाद की उस पीढ़ी की अपूरणीय क्षति है जिन्होंने सिद्धांतों और लोक-स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।




