माँ गंगा का जल देवलोक का महाप्रसाद- सरदार तन और मन की शुद्धि के संकल्प के रूप में गंगा दशहरा मनाए,बुरी आदतों,बुरे कर्मों,बुरे विचारों का त्याग करे

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 माँ गंगा का जल देवलोक का महाप्रसाद- सरदार पतविंदर सिंह

तन और मन की शुद्धि के संकल्प के रूप में गंगा दशहरा मनाए,बुरी आदतों,बुरे कर्मों,बुरे विचारों का त्याग करें।

नैनी प्रयागराज/ भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविंदर सिंह ने अपनी सहयोगियों के साथ अरैल संगम तट घाट मे जन जागरूकता उत्पन्न करते हुए कहा कि गंगा हम भारतवासियों को देवलोक का महाप्रसाद प्राप्त है गंगा नदी को भारत की सबसे पवित्र नदी माना जाता है इस कारण उन्हें सम्मान से मां गंगा अथवा गंगा मैया पुकारते हैं मां के समान पूजा जाता है मनप्राण में बसी गंगा एक माँ की तरह हमारे सभी दुख और कष्ट हर लेती हैl शरीर और मन की शुद्धि का संकल्प पर्व है गंगा दशहरा। सबसे पुण्य दिन माना जाता है  स्नान तो प्रतीक है लोग तन और मन की शुद्धि के संकल्प के रूप में मनाए,बुरी आदतों ,बुरे कर्मों,बुरे विचारों का त्याग करें।

वरिष्ठ भाजपा नेता कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख संजय श्रीवास्तव ने कहा कि  यदि हमें अपनी गौरवशाली सभ्यता को बचाना है तो हमें जीव जंतुओं, गंगा को सुरक्षित रखना होगा गंगा को प्रदूषण से मुक्त करना होगा   श्रद्धालुओं को स्नान से पहले माँ का आंचल(घाट)को साफ सुथरा रखने के लिए पांच मिनट का  (श्रमदान) सेवा अवश्य करनी चाहिए सेवा से हमारे सोते भाग जाग जाते हैं और चित्त को प्रसन्न और स्वस्थ रखते हैं 

 श्रमिक नेता आर.एल.डी. दूबे ने कहा कि गंगा दशहरा में हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि  जीव जंतुओं एवं गंगा की साफ सफाई हेतु हम सब को एकीकृत होना वर्तमान की एक बड़ी जरूरत है सही मायने में यही मां गंगा की सच्ची सेवा और उपासना होगीl

इस अवसर पर योगेंद्र शुक्ला,अंशु मिश्रा,ऑनलाइन बाबा राजा बाबू मिश्रा,हरमनजी सिंह सहित कई अतिविशिष्ट गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



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