प्रयागराज में भगवान श्री विश्वकर्मा माहात्म्य विमर्श पुस्तक विमोचन एवं सह परिचर्चा आयोजित किया गया

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 प्रयागराज में भगवान श्री विश्वकर्मा माहात्म्य विमर्श पुस्तक विमोचन एवं सह परिचर्चा आयोजित किया गया

आज दिनांक 26.10.2025 को अखिल भारतीय पटेल सेवा संस्थान, अलोपी बाग, चुंगी, प्रयागराज के किसान सभागार में विश्वकर्मा सामाजिक चेतना मिशन प्रयागराज, एवं विश्वकर्मा समाज प्रयागराज के संयुक्त तत्वाधान में "भगवान श्री विश्वकर्मा माहात्म्य: एक विमर्श"

 शीर्षक से प्रकाशित पुस्तक का विमोचन सह परिचर्चा का कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, संरक्षक , विशिष्ट अतिथि गण एवं गणमान्य लोगों द्वारा भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा पर,दीपप्रज्वलन, माल्यार्पण, पुष्पार्पण एवं पूजन के साथ हुआ। अतिथियों का चन्दन,माल्यार्पण,बैज अलंकरण एवं पौध प्रदान कर स्वागत किया गया तथा कार्यक्रम के मुख्य संयोजक प्रोफेसर शिव प्रसाद विश्वकर्मा के द्वारा अतिथियों के वाचिक स्वागत एवं श्री ईश्वर चंद्र विश्वकर्मा, लोक गायक नींवी, प्रयागराज द्वारा "अभिनंदनम् शुभ स्वागतम्" गीत द्वारा अतिथियों के अभिनन्दन के उपरांत श्री राम लखन विश्वकर्मा,पूर्व संयुक्त कुलसचिव,इ० वि०वि० एवं कुलसचिव नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय ने पुस्तकों की सामाजिक उपादेयता पर प्रकाश डाला और कहा कि पुस्तकों के विना सामाजिक उत्कृष्टता की प्राप्ति संभव नहीं है। प्रो०किरन शर्मा, पूर्व अध्यक्ष, हिन्दी विभाग,के०एन०पी०जी०कालेज(से.नि.) ने "भगवान श्री विश्वकर्मा माहात्म्य:एक विमर्श" पुस्तक का निहितार्थ प्रस्तुत किया एवं प्रकाशित लेखों के सारभूत तथ्यों का विवेचन किया और यह बताया कि इस पुस्तक में विद्वानों द्वारा प्रस्तुत लेख अत्यंत ज्ञानवर्धक और भगवान विश्वकर्मा के विविध स्वरूपों का प्रकाशन करने वाले हैं। 

 तदुपरांत पुस्तक का विमोचन मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति श्री सुभाष चन्द्र शर्मा, अध्यक्ष प्रोफेसर पी०सी० पतंजलि (पूर्व कुलपति वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर एवं भागलपुर विश्वविद्यालय,विहार), संरक्षक प्रोफेसर राजाराम यादव (पूर्व कुलपति,वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर),सहित सभी अतिथियों एवं गणमान्य महानुभावों के करकमलों से किया गया और अखिल भारतीय सरदार पटेल सेवा संस्थान, प्रयागराज का किसान सभागार जय विश्वकर्मा,जय विज्ञान के नारों से गूंज उठा। पुस्तक विमोचन के उपरांत विश्वकर्मा संगठनों द्वारा प्रस्तुत भगवान विश्वकर्मा के माहात्म्य से संबंधित अध्याय को विविध पाठ्यक्रमों में शामिल करने, भगवान विश्वकर्मा का छायाचित्र प्रत्येक सरकारी कार्यालयाध्यक्षों के कक्ष में स्थापित करने, विश्वकर्मा पूजनोत्सव की पूर्व संध्या अथवा उसी दिवस को विश्वकर्मा माहात्म्य से संबंधित संगोष्ठी के आयोजन का सरकारी संस्थानों में निर्देश एवं विश्वकर्मा पूजनोत्सव 17 सितम्बर को सार्वजनिक अवकाश के रूप में घोषित करने हेतु माननीय धर्मेन्द्र प्रधान जी, केन्द्रीय मंत्री, मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय को संबोधित प्रस्ताव का वाचन प्रो० संतलाल विश्वकर्मा, भाषा सलाहकार,भारत सरकार द्वारा किया गया जिसका सभी ने हांथ उठाकर ओंकार ध्वनि के साथ समर्थन किया और प्रस्ताव प्रोफेसर (डॉ) राजाराम यादव,पूर्व कुलपति पूर्वांचल विश्वविद्यालय एवं प्रेसीडेंट,अल्ट्रासोनिक्स सोसायटी आफ इण्डिया के माध्यम से माननीय मंत्री मानव संसाधन विकास, भारत सरकार को प्रेषित किया गया। उद्बोधन के क्रम में मुख्य अतिथि ने कहा कि जिस समाज में समाज की महिमा की संस्थापना करने वाली पुस्तकें होती हैं वह समाज गौरवानुभूति से परिपूर्ण होकर विकास मार्ग पर अग्रसर होता है। 

यह पुस्तक निश्चित रूप से सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास में सहायक होगी, ऐसी हमारी मान्यता और विश्वास है। संरक्षक महोदय ने अपने आशीर्वचन में कहा कि भगवान विश्वकर्मा आदि ब्रह्म हैं यह निर्विवाद तथ्य है।  वेदों,उपनिषदों, आर्षग्रन्थों, पुराणादि सभी ग्रन्थों में विश्वकर्मा विषयक वर्णन बहुतायत प्राप्त होते हैं किन्तु विद्वान उस विषय की ओर दृष्टिपात नहीं करते। विश्वकर्मा भगवान पर शोध कार्य नगण्य हैं। भगवान विश्वकर्मा के विषय में शोध पत्रों का संकलन करके पुस्तक के रूप में समाज को समर्पित किया गया यह महनीय प्रयास विश्वकर्मा विषयक शोध परम्परा का दूरदर्शी शुभारंभ है। मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि प्रकाशक द्वय प्रो० शिवप्रसाद विश्वकर्मा जी एवं ऊर्जावान एवं संस्कृत के विद्वान डॉ सुनील कुमार विश्वकर्माजी,दोनों ही शिक्षा जगत से हैं, अतः इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाते रहेंगे और विश्वकर्मा समाज समृद्ध वैचारिकी से परिपूर्ण होकर बहु आयामी विकास को प्राप्त करेगा । सम्पूर्ण प्रकाशन समिति को बधाई एवं शुभकामनाएं।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रोफेसर पी० सी० पतंजलि जी ने कहा कि साहित्य समाज का सर्वविध हित करता है। अतः समाज के विद्वानों का यह उत्तरदायित्व है कि साहित्य सृजन की परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने का प्रयास करें। प्रोफेसर संजय प्रसाद शर्मा, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय,सिराथू कौशांबी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्र गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर अयोध्याधाम में स्थापित रामलला की प्रतिमा का रेखाचित्र बनाने वाले डॉ सुनील कुमार विश्वकर्मा, सह आचार्य, ललित कला विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी एवं अध्यक्ष, ललित कला अकादमी उ०प्र० को सम्मानित किया गया तथा प्रो०वृन्द कुमार (आई आई टी बी एच यू), प्रो० पी० के० शर्मा (बी एच यू, वाराणसी), डॉ शशिकांत विश्वकर्मा(प्रबंधक,न्यू स्टैंडर्ड पब्लिक स्कूल,रायबरू) प्रोफेसर नीलम सिंह (मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय, प्रयागराज)श्री त्रिपुरान्तक विश्वकर्मा (सदस्य, पिछड़ा वर्ग आयोग,उ०प्र०)श्री शान्ति प्रकाश शर्मा (ग्राम विकास अधिकारी, प्रतापगढ़) श्री पवन कुमार विश्वकर्मा (उपनिदेशक,कृषि, प्रयागराज) श्री श्याम बाबू विश्वकर्मा (समीक्षाधिकारी,उ०प्र०सचिवालय, लखनऊ) श्री आर०एन० विश्वकर्मा (संयुक्त शिक्षा निदेशक, माध्यमिक, प्रयागराज, मंडल) डॉ संजय कुमार (मनोविज्ञान विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय) डॉ अंजलि विश्वकर्मा (दर्शन शास्त्र विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय) डॉ मयंक विश्वकर्मा (सी०एम०पी० डिग्री कालेज, प्रयागराज), डॉ बिन्दु विश्वकर्मा (विनीता हास्पिटल, फाफामऊ),डॉ सुनील विश्वकर्मा (कमला मल्टीस्पेशियलिटी हास्पिटल, टैगोर टाउन), डॉ सुनील विश्वकर्मा (कमला हास्पिटल,झूंसी) डॉ अशोक विश्वकर्मा (नवजीवन हास्पिटल,बरौत), डॉ राजेश विश्वकर्मा (प्रतीक हॉस्पिटल एवं फ्रैक्चर क्लीनिक, हंडिया)डॉ संतोष विश्वकर्मा (साक्षी जनरल हॉस्पिटल, हंडिया) डॉ विनीता विश्वकर्मा (मैनेजिंग डायरेक्टर विनीता फार्मेसी और रिसर्च इंस्टीट्यूट, फाफामऊ) डॉ कीर्ति विश्वकर्मा (वित्त एवं लेखाधिकारी, प्रयागराज) श्री संतोष विश्वकर्मा (रियल एस्टेट व्यवसायी, फाफामऊ), डॉ रमेश कुमार विश्वकर्मा (प्राचार्य, बाबू संत बक्स पी जी कॉलेज प्रतापगढ़) डॉ शारदा प्रसाद विश्वकर्मा (प्राचार्य फरजन्द  अली ला कॉलेज, प्रतापगढ़)श्री देवदास विश्वकर्मा (पूर्व प्रधान, ग्राम-राजगढ़, प्रतापगढ़)श्री अजय शर्मा (हिंद एलिवेटर, सिविल लाइंस, प्रयागराज) श्री मैकूलाल विश्वकर्मा (महा शिल्पी आर्किटेक्ट, प्रयागराज) श्री राजकुमार विश्वकर्मा 


(आभा ट्रेवल्स, सिविल लाइंस, श्री रवि शर्मा (अध्यक्ष, विश्वकर्मा धर्मशाला एवं मंदिर कल्याण ट्रस्ट, नैनी,प्रयागराज ) डॉ सुनीता विश्वकर्मा (महासचिव, विश्वकर्मा धर्मशाला एवं मंदिर कल्याण ट्रस्ट नैनी)श्री राहुल विश्वकर्मा (वित्त एवं लेखा विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय) श्री लालता प्रसाद विश्वकर्मा (वरिष्ठ अधिवक्ता, जनपद न्यायालय प्रयागराज ) श्री रमाकांत विश्वकर्मा (वरिष्ठ अधिवक्ता, जनपद न्यायालय एवं उच्च न्यायालय प्रयागराज)श्री महेंद्र विश्वकर्मा( अध्यक्ष, विश्वकर्मा सामाजिक चेतना मिशन, प्रयागराज )श्री अजय कुमार  विश्वकर्मा (प्रवक्ता,सर्वोदय शिक्षा सदन इंटर कॉलेज, भीरपुर)श्री सुरेश नारायण विश्वकर्मा( अनुभाग अधिकारी, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग), श्री फूलचंद विश्वकर्मा (पी०सी० टेंट हाउस, नैनी )श्री श्याम रथी विश्वकर्मा (कार्यकारी अध्यक्ष विश्वकर्मा महासंघ, प्रयागराज) श्री आशीष विश्वकर्मा (परिवहन विभाग, प्रयागराज) डॉ आलोक विश्वकर्मा( सह-आचार्य नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय, प्रयागराज) श्री शिव प्रसाद विश्वकर्मा, समाजसेवी, पहाड़ीपुर झूंसी) श्री वेद प्रकाश शर्मा (वरिष्ठ समाजसेवी, नैनी)श्री कृष्णा प्रसाद विश्वकर्मा (वरिष्ठ समाज सेवी, प्रयागराज) श्री सत्येंद्र विश्वकर्मा (अधिवक्ता, प्रयागराज) डॉ मदन मोहन विश्वकर्मा (महासचिव,श्री विश्वकर्मा पांचाल ब्राह्मण सभा, प्रयागराज) श्री राम लोटन विश्वकर्मा (अध्यक्ष, पांचाल विश्वकर्मा ब्राह्मण महासभा, प्रयागराज)श्री राजेश विश्वकर्मा (अधिवक्ता, उच्च न्यायालय प्रयागराज) श्रीमती स्मिता विश्वकर्मा, श्रीमती मनु शर्मा, श्रीमती नीलम विश्वकर्मा, श्रीमती रिचा विश्वकर्मा, श्रीमती सरस्वती विश्वकर्मा, श्रीमती निर्मला शर्मा श्रीमती मनीषा विश्वकर्मा आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आयोजन सचिव डॉ सुनील कुमार विश्वकर्मा सह-आचार्य, संस्कृत विभाग,राजकीय महाविद्यालय धनूपुर, हंडिया प्रयागराज ने  किया।




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